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समस्तीपुर आदर्श विद्यालयों में 49 शिक्षकों की भर्ती तेज, 13 जून तक पूरी होगी चयन प्रक्रिया

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समस्तीपुर के आदर्श विद्यालयों में 49 शिक्षकों के रिक्त पद भरने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त समय-सीमा तय की है। 13 जून तक चयन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:बिहार के समस्तीपुर जिले में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के 20 आदर्श विद्यालयों में खाली पड़े शिक्षकों के 49 पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पदों को भरना अनिवार्य होगा।

यह पूरा मामला मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सात निश्चय-3’ के तहत चल रहे ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया जा रहा है। 27 मई को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि जिले के आदर्श विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों के कई पद खाली हैं और भर्ती प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस स्थिति पर गंभीर नाराजगी जताते हुए पूरी प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया है। निदेशक सज्जन आर. ने स्पष्ट कहा है कि यह केवल एक सामान्य भर्ती प्रक्रिया नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था सुधार का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसे युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।

शिक्षा विभाग ने पूरी चयन प्रक्रिया के लिए सख्त समय-सीमा तय कर दी है। इसके अनुसार 1 से 4 जून तक आवेदन लिए जाएंगे, 5 से 7 जून तक प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी। इसके बाद 8 से 12 जून तक अभ्यर्थियों का साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा और 13 जून तक अंतिम मेधा सूची जारी कर दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

जिला प्रशासन के लिए यह प्रक्रिया अब एक बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि डीएम की जवाबदेही भी सीधे तौर पर तय कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की निगरानी और समय पर निष्पादन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर होगी।

जानकारी के अनुसार जिले में कुल 109 रिक्त पदों में से 60 शिक्षकों की मेधा सूची पहले ही जारी कर दी गई थी और उन्हें विभिन्न विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किया जा चुका है। चयन प्रक्रिया में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को शामिल किया जा रहा है जिन्होंने 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।

इसके बावजूद अभी भी 49 पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए यह नई प्रक्रिया शुरू की गई है। एक विद्यालय में तकनीकी कारणों से अब तक किसी शिक्षक की तैनाती नहीं हो पाई है, जिससे वहां शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कई विषयों में योग्य अभ्यर्थियों की कमी के कारण चयन प्रक्रिया में कठिनाई आ रही है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्थिति में तय समय सीमा के भीतर सभी पदों को भरना अनिवार्य है।

इस पूरी कवायद का उद्देश्य जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि योग्य शिक्षकों की नियुक्ति से न केवल पढ़ाई का स्तर सुधरेगा बल्कि छात्रों के प्रदर्शन में भी सुधार आएगा।

शिक्षा विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आगे चलकर इस प्रक्रिया की राज्य स्तर पर भी समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी जिलों में समय पर शिक्षक उपलब्ध हों और शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो।

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